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Friday, April 30, 2010

तुम चलो तो हिंदुस्‍तान चले ।

फलक पकड़ के उठो और हवा पकड़ के चलो ।
फलक पकड़ के उठो और हवा पकड़ के चलो ।।

तुम चलो तो हिंदुस्‍तान चले ।
तुम चलो तो हिंदुस्‍तान चले ।।

लगाओ हाथ के सूरज सुबह निकाला करे ।
हथेलियों में भरे धूप और उछाला करे ।।

उफ़क़ पे पांव रखो और चलो अकड़ के चलो ।
फ़लक पकड़ के उठो और हवा पकड़ के चलो ।।

तुम चलो तो हिंदुस्‍तान चले ।
तुम चलो तो हिंदुस्‍तान चले ।।

हिंदुस्‍तान चले ।।।

- गुलज़ार.