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Saturday, April 24, 2010

सैनिक की मौत (एक अंश).

अजीब खेल है,

कि वजीरों की दोस्ती,
प्यादों की लाशों पर खुद को सीती है...

और जंग तो जंग,
यहाँ शांति भी लहू पीती है!

- अशोक कुमार पाण्डेय.