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Saturday, April 24, 2010

बच्चा कहाँ खेले?

इस मुहल्ले में
नहीं मैदान
बच्चा कहाँ खेले?
घर बहुत छोटा
बिना आंगन
बिना छत और बाड़ी,
गली में
माँ की मनाही
तेज़ आटो तेज़ गाड़ी
हाथ में बल्ला
मगर मुँह म्लान
बच्चा कहाँ खेले?

एक नन्हें दोस्त
के संग
बाप की बैठक निहारे
एक गुंजाइश
बहुत संकरी लगे
सोफ़ा किनारे
बीच में पर
काँच का गुलदान
बच्चा कहाँ खेले?

खेल बिन बच्चा
बहुत निरुपाय
बहुत उदास है
खेल का होना
बिना बच्चा
नहीं कुछ ख़ास है
रुक गई है
बाढ़ इस दौरान
बच्चा कहाँ खेले?

- अनिरुद्ध नीरव.